Friday, January 25, 2019

प्रियंका की एंट्री पर BJP के मंत्री बोले- सुंदर चेहरे से चुनाव नहीं जीते जाते

प्रियंका गांधी वाड्रा को कांग्रेस पार्टी का महासचिव बनाए जाने पर लगातार राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. बिहार सरकार में मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता विनोद नारायण झा ने उनको लेकर विवादित बयान दिया है. मंत्री ने कहा कि सुंदर चेहरे के आधार चुनाव नहीं जीते जाते हैं. उन्होंने कहा कि प्रियंका, भ्रष्ट रॉबर्ट वाड्रा की पत्नी हैं जिनका नाम जमीन घोटाले में शामिल है.

शुक्रवार को विनोद नारायण झा बोले कि कांग्रेसवालों को ये नहीं सोचना चाहिए कि प्रियंका गांधी बहुत सुंदर हैं और वो राजनीति में आ गई तो बहुत सीटें जीत जाएंगे. उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र परिपक्व होने की ओर है, ऐसा निर्णय लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है.

बिहार सरकार में मंत्री झा ने कहा कि कुछ लोग उनकी तुलना इंदिरा गांधी से कर रहे हैं, इंदिरा गांधी फिरोज शाह की पत्नी थी उनके पति ने लोकसभा में कई मुद्दों को उठाया था. लेकिन रॉबर्ट वाड्रा के नाम पर जमीन घोटाले हैं, ऐसे में प्रियंका की तुलना इंदिरा से करना गलत है. आपको बता दें कि विनोद नारायण झा बीजेपी नेता हैं और बिहार की नीतीश कुमार सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं.

उनके अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री पर कहा कि उन्हें सपा-बसपा को डराने के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा कि प्रियंका राजनीति में रॉबर्ट वाड्रा की प्रतिनिधि के तौर पर आई हैं. इससे रॉबर्ट वाड्रा का मुद्दा लाइमलाइट में आएगा.

गौरतलब है कि बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया. प्रियंका गांधी को लोकसभा चुनाव के तहत पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है. इस प्रकार के कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रियंका गांधी लोकसभा चुनाव भी लड़ सकती हैं.

भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री को कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताया गया है. हालांकि, कुछ नेताओं ने इसे राहुल गांधी की असफलता बताया. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि प्रियंका गांधी के राजनीति में आने से ये सिद्ध हो गया है कि कांग्रेस ने अब स्वीकार लिया है कि राहुल गांधी असफल साबित हुए हैं. हालांकि, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वह कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में चुनौती नहीं मानते हैं.

का डिजाइन ग्लास मेटल का बै और रियर  में V शेप्ड पैटर्न दिया गया है. ग्रेडिएंट कल स्कीम है – मिडनाइट ब्लैक और ब्लू सफायर. रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में ये दोनों कलर वेरिएंट्स लॉन्च किए जाएंगे. कंपनी द्वारा लॉन्च के लिए मीडिया इन्वाइट्स भेजे जा चुके हैं और इसे गुरूग्राम में 29 जनवरी को लॉन्च किया जा रहा है.

इंच की फुल एचडी टीएफटी डिस्प्ले दी गई है जिसका ऐस्पेक्ट रेश्यो 19.5:9 है और स्क्रीन टु बॉडी रेश्यो 91.8% है. इसकी बैटरी 4,000mAh की है कंपनी के मुताबिक इसमें सुपर फास्ट चार्जिंग सपोर्ट है. इसमें ऑक्टा कोर Kirin 980 प्रोसेसर लगया गया है और कंपनी ने दावा किया है कि ऐडवांस्ड AI और मशीन लर्निंग कंप्यूटेशन के लिए डुअल NPU दिया गया है.

इस स्मार्टफोन में यूएसबी टाइप सी पोर्ट के साथ 3.5mm हेडफोन जैक दिया गया है. फोटॉग्रफी के लिए इस स्मार्टफोन में 48 मेगापिक्सल का SONY IMX586 CMOS दिय गया है. पिक्सल बाइनिंग टेक का यूज करके चार 0.8 माइक्रॉन पिक्सल को मर्ज करके एक बड़ा 1.6 माइक्रॉन पिक्सल जेनेरेट किया जाता है. इसके लिए 12 मेगापिक्सल मोड में यूज करना होगा. दूसरे कौमरे के तौर पर ToF दिया गया है. सेल्फी के लिए इसमें 25 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है.

सबसे ज्यादा फिल्म में किसी चीज पर फोकस किया गया है तो वो है कंगना के लुक्स. उनकी फिल्म में एंट्री से लेकर और खत्म होने तक कंगना गजब की खूबसूरत लगती हैं. डैनी डेन्जोंगपा और मोहम्मद जीसान अयूब ने गजब की अदाकारी की है. फिल्म के संवाद देशभक्ति के जज्बे भरे हैं और डायलॉग भी अच्छे हैं. फिल्म के सेट्स पर काफी काम किया गया है. डायेरक्शन के लिहाज से कंगना ने बेहतरीन काम किया है.

Thursday, January 17, 2019

अहमदाबाद में दुबई जैसा शॉपिंग फेस्टिवल, जीत सकेंगे लाखों के इनाम

गुजरात के अहमदाबाद में एक शॉपिंग फेस्टिवल की शुरुआत होने वाली है, जहां करीब 15 हजार से ज्यादा व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. यह फेस्टिवल सिर्फ दुकानों की वजह से ही नहीं बल्कि डिस्काउंट की वजह से लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगा. यह फेस्टिवल दुबई के शॉपिंग फेस्टिवल की तरह हो रहा है, जहां न सिर्फ सस्ते में सामान खरीदते हैं बल्कि उन्हें लाखों रुपये के इनाम जीतने का मौका भी मिलता है. इस फेस्टिवल में भी कुछ ऐसा ही होने जा रहा है.

इस फेस्टिवल की शुरुआत 17 जनवरी यानी आज से अहमदाबाद में होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी शुरुआत करेंगे. रिपोर्ट्स के अनुसार यह फेस्टिवल 12 दिन चलेगा और इसमें लोग शॉपिंग के साथ साथ होटल, क्लब, जिम, स्पा आदि का लुत्फ उठा सकेंगे. बता दें कि यह 18 जनवरी को शुरू होने वाले वाइब्रेंट गुजरात में आने वाले मेहमानों को भी आकर्षित करेगा.

इस शॉपिंग फेस्टिवल में जो भी सामान बिकने के लिए रखे गए हैं, उसमें राज्य के दूर-दराज के लोगों द्वारा हस्तशिल्प और कारीगरी के जरिए तैयार किए गए हैं. इनमें खासकर महिलाओं की कारीगरी से बनाए गए सामान बड़े पैमाने पर शॉपिंग फेस्टिवल का हिस्सा बने हैं. शॉपिंग फेस्ट का आयोजन वाइब्रेंट गुजरात समिट को ध्यान में रखते हुए किया गया है.

इस दौरान दुकानदार अपनी दुकान पर खरीदारी करने आने वाले लोगों को 10 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत का डिस्काउंट देंगे. साथ ही खास तौर पर लकी ड्रॉ के कूपन भी दिए जाएंगे और हर रोज शाम को लकी ड्रॉ विजेता के नाम घोषित किए जाएंगे. साथ ही अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन इस फेस्टिवल को बढावा देने के लिए 10 करोड़ तक के इनाम देगी.

इस फेस्टिवल में ग्राहकों को लुभाने के लिए करोड़ों रूपये के उपहार भी दिए जाएंगे. बताया जा रहा है कि इसमें ग्राहकों को डिस्काउंट में सामान मिलेगा और 500 से अधिक की खरीदारी करने वाले ग्राहकों को इनाम भी दिए जाएंगे. ग्राहकों के लिए हर मिनट पर लकी ड्रॉ निकाला जाएगा और कुल 11 करोड़ रुपए के इनाम रखे गए हैं. यहां गारमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, ज्वैलरी की सैकड़ों दुकाने होंगी.

दुबई में कैसे होता है शॉपिंग फेस्टिवल

दुबई शॉपिंग फेस्टिवल की शुरुआत 16 फरवरी 1996 को हुई थी और जिसका उद्देश्य दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में खुदरा व्यापार को लाभ पहुंचाना था. उसके बाद से एक पर्यटक आकर्षण के रूप में इसका प्रचार किया जाता रहा है और इसका लोग इंतजार करते हैं.

यहां यह करीब एक महीने तक चलता है और अधिकतर साल के पहले तीन महीनों में इसका आयोजन होता है. बताया जाता है कि इसमें 30 लाख लोग इसका फायदा उठाते हैं. साल 2006 में, दुबई के शासक शेख मकतूम बिन राशिद अल मकतूम के इंतकाल की वजह से इसका आयोजन नहीं किया गया था.

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जनवरी को वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन के नौवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे. यह शिखर सम्मेलन 18 से 20 जनवरी के बीच गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित होगा. गुजरात वाइब्रेंट शिखर सम्मेलन की शुरुआत मोदी ने 2003 में की थी. तब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे.

Tuesday, January 1, 2019

पर्थ के बाद MCG की पिच को भी ICC ने ‘औसत’ करार दिया

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एमसीजी पर खेले गए तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच की पिच को भी पर्थ स्टेडियम की तरह ‘औसत’ करार दिया. ‘सिडनी मार्निंग हेराल्ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘मेलबर्न क्रिकेट क्लब का बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच का मेजबान बने रहने की कवायद को बढ़ावा मिला है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने भारत की 137 रनों से जीत के बाद एमसीजी को औसत दर्जा ही दिया है.

रिपोर्ट के अनुसार आईसीसी ने मंगलवार को औसत दर्जा दिए जाने की पुष्टि की. यह पिछले साल ड्रॉ छूटे एशेज टेस्ट मैच की तुलना में बेहतर दर्जा है, क्योंकि तब एमसीजी की पिच को तीन ‘डिमेरिट प्वाइंट’ मिले थे. औसत दर्जा मिलने का मतलब है कि आईसीसी से इस मैदान को कोई ‘डिमेरिट प्वाइंट’ नहीं मिला है. आईसीसी के नियम के अनुसार अगर किसी मैच स्थल को पांच साल के अंदर पांच ‘डिमेरिट प्वाइंट’ मिलते हैं, तो उसका अंतरराष्ट्रीय दर्जा खत्म हो जाता है.

एमसीजी की पिच तब चर्चा में आई, जब भारत ने लगभग दो दिन तक बल्लेबाजी करते हुए 443 रन बनाए. यहां तक कि उसके प्रमुख बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने धीमी बल्लेबाजी का कारण पिच की प्रकृति को बताया था. इसके बाद हालांकि जब भारत ने गेंदबाजी की तब लग रहा था कि विकेट जीवंत हो गया है. ऑस्ट्रेलिया के 20 में से 15 विकेट भारतीय तेज गेंदबाजों ने लिये.

एमसीजी की वर्तमान पिच 15 साल पुरानी है, लेकिन अगले सत्र में भी इसका उपयोग किया जाएगा. नई पिच तैयार करने में तीन साल का समय लगेगा. इससे पहले पर्थ स्टेडियम की पिच को भी आईसीसी ने औसत दर्जा दिया था, जिस पर ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर सहित कई पूर्व क्रिकेटरों ने हैरानी जताई थी.

ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ में दूसरे टेस्ट मैच में जीत दर्ज कर सीरीज में 1-1 से बराबर कराई थी. भारत अब चार मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे चल रहा है. चौथा और अंतिम मैच गुरुवार से सिडनी में खेला जाएगा.

अयोध्या विवाद को सुलझाने के लिए नेताओं से लेकर अदालतों तक बहुत सी कोशिशें की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है. ऐसे में सारी उम्मीदें सुप्रीम कोर्ट से लगी हैं. कोर्ट इस मामले में सुनवाई कब होगी, इस पर 4 जनवरी को फैसला करेगा. हालांकि इस मामले के फैसले के लिए चारो ओर से आवाज उठ रही है.

दरअसल, ऐसा माना जाता है कि साल 1528 में अयोध्या में एक ऐसी जगह पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया गया, जिसे हिंदू भगवान राम का जन्मस्थान मानते हैं. कहा जाता है कि विवादित जगह पर मस्जिद मुगल बादशाह बाबर के समय में उसके सेनापति मीर बाकी ने बनवाई थी. इस लिहाज से 500 साल पुराना मामला पहली बार आजादी के बाद 1950 में अदालत पहुंचा. इसके बाद से अभी तक फैसले का महज इंतजार हो रहा है. ऐसे में अब मामला देश की सबसे बड़ी अदालत में है और सुनवाई की तारीख भी नए साल के साथ दस्तक दे रही है.