Tuesday, February 26, 2019

भारत का हमलाः बालाकोट के लोग बोले- 'लगा जैसे जलजला आ गया हो'

भारतीय वायुसेना ने पुलवामा आतंकी हमले का करारा जवाब देते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाया है. वायु सेना के मिराज-2000 विमानों की ओर से की गई इस कार्रवाई में आतंकी कैंपों को भारी नुकसान हुआ है, मंगलवार सुबह करीब 3 बजे भारत की ओर से इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया.

खैबर पख्तूनख्वा के बालाकोट में भारत की इस एयर स्ट्राइक के बाद दशहत का माहौल है. बीबीसी से बातचीत में स्थानीय निवासी मोहम्मद आदिल ने बताया कि 3 बजे का वक्त था, बहुत तेज आवाज आई, ऐसा लगा जैसे जलजला आ गया. बाद में पता चला कि वहां धमाका हुआ है, इसमें कई घर तबाह हो गए हैं. पांच से दस मिनट तक जहाजों की आवाज आई फिर वह बंद हो गई.

बालाकोट स्थित लाहौर होटल के मालिक ने इंडिया टुडे को फोन पर बताया कि यहां सुबह तड़के बमबारी हुई थी. उनके मुताबिक 4-5 बम गिराए गए और तीन बजे का वक्त था. होटल मालिक ने बताया कि वो सो रहे थे और हमले वाली जगह उनके होटल से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

आतंकी ठिकानों पर निशाना

भारत सरकार की ओर से कहा गया है कि इस कार्रवाई में किसी नागरिक या सेना को निशाना नहीं बनाया गया है बल्कि एयर फोर्स का टारगेट जैश के ठिकाने थे. विदेश मंत्रालय की ओर से विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि 14 फरवरी को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में आतंकी हमला किया था, जिसमें हमारे 40 जवान शहीद हुए थे.

गोखले ने बताया कि इससे पहले पठानकोट में भी जैश की तरफ से आतंकी हमला किया गया था. पाकिस्तान हमेशा इन संगठनों की अपने देश में मौजूदगी से इनकार करता आया है. पाकिस्तान को कई बार सबूत भी दिए गए लेकिन उसने आतंकी संगठन के खिलाफ आजतक कोई कार्रवाई की.

विदेश मंत्रालय के मुताबिक जैश भारत के कई हिस्सों में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था और इसके लिए फिदायीन आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा रही थी. इस खतरे से निपटने के लिए भारत के लिए एक स्ट्राइक करना बेहद जरूरी हो गया था. हमने खुफिया जानकारी के आधार पर आज सुबह बालाकोट में एयर स्ट्राइक की है जिसमें जैश के कमांडर समेत कई आतंकियों को ढेर किया गया है.

वाजपेयी शासनकाल में भारत से छुटने के बाद ही उसने भारतीय संसद पर हमले साजिश रची थी. वो यहीं नहीं ठहरा, माना जाता है कि 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले में भी उसकी अहम भूमिका थी. 2016 के पठानकोट आतंकी हमले में भी उसकी भूमिका संदिग्ध मानी जाती है. भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने अजहर और उसके भाई को इस वारदात के लिए दोषी माना था. इसके बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी करतूतों को बेनकाब किया, उसके बाद इंटरपोल ने उसके खिलाफ दूसरी बार रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया.

भारत की कोशिश रही है कि अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया जाए, जिस पर अमेरिका सहमति जताता है. लेकिन इस मामले में चीन हमेशा वीटो लगा देता है. उसके संगठन जैश-ए-मोहम्मद को भारत समेत अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे कई देश आतंकी ग्रुप घोषित कर रखा है. जबकि पाकिस्तान में एक तरह से उसे हीरो का दर्जा मिला हुआ है.

भारत के सबूत देने के बाद भी पाकिस्तान उसके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेता. मुंबई आतंकी हमले के बाद भी पाक ने उसे गिरफ्तार करने से मना कर दिया. उसने यहां तक कहा कि उसे नहीं पता कि अजहर कहां रहता है, जबकि मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि पाक के भावलपुर में रहता है. साथ ही वह पाक की कुख्यात आईएसआई का दुलारा बना हुआ है.

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